कुछ ही दूरी पर हम दोनों बैठे थे... वो कही और देख रही थी और मैं कहीं और देख रहा था... खुशी की बात ये थी के वो मुझे सोच रही थी और मैं उसे... एक एहसास मुझे हुआ और शायद उसे भी... के अब एक दूसरे की और देखा जाएं... तो देखने का मन बना लिया... जब देखा तो पहली नज़र मिलते ही मुह फेर लिए और दोनों के चेहरे पर मुस्कान सी आ गई... फिर दिल मे एक एहसास आया शायद मुझे भी और उसे भी... के फिरसे दुसरी नज़र मिलाई जाए... फिर दूसरी नज़र मिलाई... फिर एक दूसरे को देख कर मुह फेर लिए... और …
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