जो कभी किए ही नहीं मैंने वो भी वादे निभा रहा हूँ मैं... मुझसे फिर बात कर रही है वो फिर से बातों में आ रहा हूँ मैं...
नूर अल-सुहानी सा तेज़ पेशानी पे जचता बोहोत है... आँखों मे गुस्सा होंटों पे चमक सजती बोहोत है... नफरत बोहोत है आपको मूझसे... आपके इस खूबसूरत चेहरे पर दिखती बोहोत है... वक़्त रहते बदल न पाया गनीमत हो चुकी है... नये तौर तरीके सिख न पाया फजीलत खो चुकी है... मैं बेबस रहा मेरी आदातों में... अब मान नही पा राहा, हक़ीक़त हो चुकी है... सवाबी हालात बनाने चाहे तुराबी हुए है... किताबी हुआ करते थे कभी अब शराबी हुए है... खून अब लाल से काला हो चला है... हम बरसो पुराने वाक़िये में दफनाएं हुए है... मुझ मे पनप रहे दर्द की तख़्लीक़-कार हो त…
शायरी | Shayari | shayari status | shayari attitude | शायरी स्टेट्स | हिंदी पोयट्री | हिंदी poems | new shayari | avim | avimshayaris | what's app shayari | what's app status shayari | बदलती जुबां का रुख ठेहर गया उसकी इनायत देख कर... मै लफ्ज़-ऐ-जंग करने आया था उसका दिल दुखाने...
प्यार न कर अल्लाह नु रोकेया मैनु केंहंदा उस कुड़ी दे नाल प्यार न कर कुड़ी नु प्यार करदी किसी होर दे नाल अविम नु अपना बेहाल ना कर बुरा हाल ना कर गीली अँखान् विच इबादता तेरे नाल करदा... अविम नु राहे सुकन् पायी ऐ... वेख मैनु जब जब मरदा ओहनु याद आने पे... Instagram Posts हाये... किवेन् बताऊ तब तब मैनु जन्नत-उल-फिरदौस पायी ऐ... जन्नत-उल-फिरदौस पायी ऐ...
मै सुबह की सेहरी जैसा हूँ तुम इफ्तार सी इंतज़ार हो मै सुबह की सेहरी जैसा हूँ तुम इफ्तार सी इंतज़ार हो मै गुब्बारे में भरी हवा... तुम नोक दार एक सुई हो मैं केहता फिर रहा हूँ लोगो से वो चाँद मुबारक हो तुम यही हो तुम, कहाँ नही हो तुम यही है क़ुर्बत् मुझ मे रही हो तुम तुम सर से पाओं तक सजी हूर हो मैं नीचे से उपर तक एक लकीर हूँ तुम मेरे मन की एक बात हो मैं तुमसे बातें करते रेहता हूँ आँखों मे बसा खूबसूरत चेहरा हो तुम्हे याद कर रहा मै एक दर्द हूँ ~ Avim
आते है पास जो तेरे ही सायें हैं... रहती है दिल मे जो तेरी ही बाँहें हैं... बज रही है धड़कने तुमको सुनाते है... तुम पर ही मरने को हम यहाँ आये है... ~Avim
और कितनी बेवफा होती फ़िरोगी Love Shayari Aur kitni bewafa hoti firogi Khud ki nazron mein aur kitna girogi Batao kaha se aata hai woh raasta hai Kis sheher kis gali kis kabr mein milogi और कितनी बेवफा होती फ़िरोगी... खुद की नज़रों में और कितना गिरोगी... बताओ कहाँ से आता है वो रास्ता... किस शहर किस गली किस कब्र में मिलोगी... ~ Avim Instagram
Ae waqt mere Mujhe azaadi de Teri girti ret ke Kaanton se... Mai Qaid hun Teri saayon me Mujhe be-waqt ka tufaan karde... Ae khwaab mere Ruba-ru karde Khuda ki shakal me Mere mehboob se... Mai aaina dekhu jahaan me Khud ko An-dekha kar ke avim
मैं कहाँ ले जाऊँ मन मेरा soul alone somewhere मैं कहाँ ले जाऊँ मन मेरा... तुझसे बिछड़ने को तैयार नही... मैं कहाँ ढूंढू सुकून मेरा... तेरी यादों से मुझे निज़ात नही... मेरी बे-चैनी को कोई देखो भी... बताओ किस दवा की मुझे जरूरत है... कैसे जीता हूँ मैं उसे पता नही... मेरा ख़याल भी उसे कहाँ आता होगा... वो ख़ुश होगी बोहत अपनी दुनिया में... मेरे ख्वाबों की उसे कभी फ़िकर न थी... जब दिल लगाना था तो बात कहनी थी... दो-चार बातें ज़्यादा की उसने मुझसे करनी थी... शायद ही कोई होगा मुझ जैसा जिसे मिली है ये... दर्द ही दर्द है जिस में ऐसी है हर पल की ये ज़िंदगी... म…
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